आज यानी 2 फरवरी 2026 से पूरे देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) की नई व्यवस्था और बजट 2026 के प्रस्ताव प्रभावी हो गए हैं। सरकार ने ‘GST 2.0’ सुधारों के तहत टैक्स स्लैब को तर्कसंगत बनाते हुए 5% और 18% को मुख्य आधार बनाया है, जबकि 28% वाले स्लैब को लगभग खत्म कर दिया गया है।
अब आपके किचन से लेकर गैरेज तक, किन चीजों के दाम गिरेंगे और किनके बढ़ेंगे, इसकी पूरी लिस्ट यहाँ देखें।
क्या हुआ सस्ता? (बड़ी राहत की लिस्ट)
आम आदमी के दैनिक खर्चों को कम करने के लिए कई वस्तुओं पर टैक्स की दरों में भारी कटौती की गई है:
- किचन और फूड आइटम्स: * घी, मक्खन, पनीर (पैकेज्ड), और कुकिंग ऑयल: इन पर टैक्स 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
- बिस्कुट, जैम, केचप और नमकीन: इन पर पहले 18% टैक्स था, जो अब घटकर 5% रह गया है।
- दूध से बने ड्रिंक्स और आइसक्रीम: अब सिर्फ 5% GST के दायरे में हैं।
- पर्सनल केयर (Personal Care): * शैम्पू, हेयर ऑयल, टूथपेस्ट, साबुन, और शेविंग क्रीम पर GST 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
- इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंसेज: * 32 इंच तक के TV, AC, वॉशिंग मशीन और फ्रिज: इन पर 28% की जगह अब 18% GST लगेगा।
- मोबाइल फोन और EV बैटरी: घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए ये अब और सस्ते होंगे।
- हेल्थ और इंश्योरेंस: * बीमा प्रीमियम: व्यक्तिगत स्वास्थ्य (Health) और जीवन बीमा (Life Insurance) को अब पूरी तरह GST मुक्त (0%) कर दिया गया है।
- कैंसर की दवाएं: 17 प्रमुख कैंसर दवाओं पर कस्टम ड्यूटी और GST हटा दिया गया है।
क्या हुआ महंगा? (जेब पर नया बोझ)
लक्जरी और हानिकारक (Sin Goods) वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाकर सरकार ने राजस्व बढ़ाने की कोशिश की है:
- तंबाकू और सिगरेट: 1 फरवरी के बजट प्रस्तावों के बाद आज से सिगरेट और तंबाकू पर 40% GST के साथ अतिरिक्त सेस लागू हो गया है। सिगरेट की एक स्टिक अब ₹2 से ₹8 तक महंगी हो गई है।
- सॉफ्ट ड्रिंक्स: कोल्ड ड्रिंक्स और मीठे कैफीनयुक्त पेय पदार्थों पर अब 40% GST लगेगा।
- बड़ी गाड़ियाँ और SUV: 1500cc से अधिक इंजन वाली कारें और 350cc से बड़ी बाइक अब 40% के ऊंचे स्लैब में हैं।
- आयातित सामान (Imported Goods): विदेश से आने वाली कॉफी मशीनें, एटीएम मशीन के पार्ट्स और सस्ते विदेशी छाते अब महंगे हो गए हैं।
GST के नए मुख्य स्लैब: एक नजर में
| स्लैब | प्रमुख वस्तुएं |
| 0% (Tax Free) | खुला अनाज, फल-सब्जियां, जीवन बीमा, कैंसर की दवाएं, स्टेशनरी। |
| 5% (Merit) | पैकेज्ड पनीर/घी, साबुन, तेल, टूथपेस्ट, जूते-चप्पल, साइकिल। |
| 18% (Standard) | सीमेंट, AC, फ्रिज, टीवी, छोटी कारें, 350cc तक की बाइक। |
| 40% (Luxury/Sin) | सिगरेट, तंबाकू, लग्जरी SUV, कोल्ड ड्रिंक्स, ऑनलाइन गेमिंग। |
निष्कर्ष
GST 2.0 का यह बदलाव सीधे तौर पर मिडिल क्लास की बचत बढ़ाने वाला है। जहाँ ग्रोसरी और इंश्योरेंस सस्ता होने से महीने का बजट सुधरेगा, वहीं ‘शौक’ वाली चीजें अब काफी महंगी हो गई हैं। कंपनियों ने भी नए रेट के हिसाब से MRP में बदलाव शुरू कर दिया है।